गर्भावस्था में देखभाल कैसे करें Pregnancy care in hindi:

गर्भावस्था में देखभाल कैसे करें Pregnancy care in hindi:

गर्भावस्था में देखभाल कैसे करें pregnancy carein hindi 


ज्यादातर महिलाएं नॉर्मल डिलीवरी चाहती हैं, क्योंकि ऑपरेशन से उनके पेट पर कई टांगे लगते हैं। जिससे शेप बिगड़ने के साथ मोटापे का खतरा बढ़ जाता है। साथ ही शरीर भी कमजोर हो जाता है। मगर प्रेगनेंसी में आ रही कॉप्लिकेशन से बचने के लिए आजकल ऑपरेशन कर दिया जाता है। मगर इन सबसे छुटकारा पाने और सामान्य प्रसव के लिए कुछ घरेलू नुस्खे कारगर साबित हो सकते हैं।
गर्भावस्था में देखभाल कैसे करें Pregnancy care in hindi:

Normal Pregnancy care 10 tips 

1. आयुर्वेद विज्ञान के मुताबिक अगर महिलाएं गर्भावस्था में रोजाना दूध और लहसुन के पेस्ट का सेवन करने से नॉर्मल डिलीवरी की संभावना बढ़ जाती है। आप चाहे तो दूध में दो से तीन लहसुन की कलियांं उबालकर भी पी सकते हैं।

2. प्रेगनेंसी में शहद और खड़ा जीरा भूनकर खाने से नार्मल डिलीवरी की संभ्ज्ञावना बढ़ जाती है। इससे लेबर पेन भी कम होता है।
3. शंकरकंद में बीटा कैरेटिन नामक तत्व काफी मात्रा में होता है। गभावस्था में इसके नियमित सेवन से नॉर्मल डिलीवरी हो सकती है। क्योंकि ये शरीर में कैरेटिन को विटामिन ए में बदल देता है। इससे पाचन तंत्र मजबूत होता है।

4. ब्रोकली में विटामिन ए, सी और कैल्शियम प्रचुर मात्रा में होते हैं। इसके सेवन से गर्भावस्था में कब्ज की दिक्कत नहीं होती है। साथ ही लेबर पेन भी कम होता है। रोजाना दिन में करीब 200 ग्राम ब्रोकली खाने से सामान्य डिलीवरी होती है।
5. प्रेगनेंसी में केला खाना भी फायदेमंद होता है। क्योंकि ये शरीर को एनर्जी देता है। इससे स्वास्थ सही रहता है। जिसके चलते नॉर्मल डिलीवरी में कोई समस्या नहीं आती है।

6. सामान्य डिलीवरी के लिए गर्भावस्था में दालें, बीन्स, सोयाबीन आदि फलियों का सेवन करना चाहिए। इनमें मौजूद प्रोटीन, विटामिन्स, आयरन एवं कैल्शियम आदि पोषक तत्व शरीर को स्वस्थ रखने में मदद करते हैं। इससे नॉर्मल डिलीवरी की संभावनाएं बढ़ती है।
7. प्रेगनेंसी में हरे पत्तेदार सब्जियां खाना अच्छा माना जाता है। खासतौर पर पालक का सेवन करना, क्योंकि इनमें प्रचुर मात्रा में आयरन होता है। इनके सेवन से शरीर मजबूत होता है। इससे लेबर पेन भी कम होता है।
8. गर्भावस्था में अंडे खाने से भी फायदा होता है। क्योंकि इसमें कोलिन नामक पोषक तत्व पाया जाता है जो मस्तिष्क के विकास में सहायक होता है। इससे होने वाला बच्चा बुद्धिमान होता है। इसके नियमित सेवन से मां को भी लाभ मिलता है।

9. मीट को एनर्जी का स्त्रोत माना जाता है। इसमें कई पोषक तत्व होते हैं। प्रेगनेंसी में इसके सेवन से नॉर्मल डिलीवरी और लेबर पेन कम होने की संभावना रहती है। हालांकि मीट गरिष्ठ भोजन होने के चलते इसका लिमिट में सेवन करें और कम वसा वाले मीट का प्रयोग करें।
10. नॉर्मल डिलीवरी के लिए गर्भावस्था में संतरा खाना भी अच्छा होता है। क्योंकि इसमें प्रचुर मात्रा में विटामिन सी होता है जो स्किन को फायदा पहुंचाता है। वहीं ये शरीर में पानी की कमी को भी पूरा करता है

गर्भावस्था के दौरान ध्यान में रखें ये बातें:

# यदि गर्भावस्था के दौरान माँ की नाक में सुजन है तो होने वाला बच्चा लड़की होगी और यदि नाक सामान्य है तो लड़का होगा। लेकिन यह सारी बातें असल में केवल मान्यताएं है। डॉक्टरों के अनुसार नाक में आई सुजन हार्मोन्स के कारण होती हैं। गर्भावस्था के समय रक्तसंचार तेज़ होकर शरीर के मष्तिष्क वाले हिस्से में ज्यादा होता हैं इसलिए नाक में सुजन नज़र आती हैं।

# प्रेगनेंसी के दौरान महिलाओं को एसिडिटी या गैस की तकलीफ होना बहुत सामान्य सी बात हैं। पेट के अंदर बच्चे के बाल बढ़ने से गैस और सीने में जलन जैसी समस्या उत्त्पन्न होती हैं जबकि यह बात बिलकुल गलत है। महिला को इसी समस्या से बचने के लिए अपने खानपान में ध्यान रखना ज़रूरी होता हैं।

# यदि पहला बच्चा है तो वह अवश्य ही डेट के बाद होगा। यह बात लगभग हर केस में देखी गयी लेकिन यह असल में बिलकुल सही नहीं हैं। असल में बच्चे का जन्म माँ के मासिक चक्र पर निर्भर करता हैं। यदि किसी महिला को मासिक धर्म 28 दिन के बाद ही आते है तो बच्चा डेट के बाद होगा। वही यदि स्त्री को मासिक धर्म 28 से पहले आता हैं तो बच्चे के जन्म होने की संभावना वक़्त से पहले भी हो जाती है।

गर्भावस्था के दौरान अपने मूड को रखे रिलैक्स

जैसा कि, प्रेगनेंसी में वेट बहुत अधिक बढ़ जाता है। इसी तरह फिटनेस की कमी के कारण प्रेगनेंसी के दौरान शरीर में दर्द और तकलीफें होती रहती है।
इसीलिए प्रेगनेंसी के दौरान एक्टिव रहने की कोशिश करें। इसके, लिए ज़रूरी नहीं है कि आप जिम में ही जाएं। अलग-अलग तरह की एक्टिविटीज़ के साथ आप खुद को एक्टिव रख सकती हैं। इससे, आप एनर्जेटिक रहती हैं और बेहतर नींद और बेहतर मूड भी मिलता है। (Staying Active during Pregnancy)

पैदल चलें:

वॉकिंग या पैदल चलने से आसान एक्सरसाइज़ शायद ही कुछ और हो। इसीलिए, प्रेगनेंट महिलाओं के लिए भी वॉकिंग एक अच्छी कसरत है। सुबह शाम बॉक पर जाएं। पास की दुकानों, हॉस्पिटल या किसी सहेली-रिश्तेदार के घर जाते समय, ज़रूरी हो तो ही टैक्सी या कार की मदद लें। जितना हो सके पैदल चलें। इससे, ना केवल आपकी एक्सरसाइज होगी बल्कि, आपके बच्चे तक को अधिक मात्रा में ऑक्सिज़न पहुंचाने में भी मदद होगी।

सीढ़ियां चढ़ें:

अगर, आपका घर या ऑफिस 2-3 मंजिल ऊपर है, तो लिफ्ट की बजाय सीढ़ियों का इस्तेमाल करें। इससे, आपको थोड़ी एक्सरसाइज़ करने का मौका मिलेगा।

बहुत देर तक बैठे ना रहें :

जो प्रेगनेंट महिलाएं प्रेगनेंसी को दौरान ऑफिस जाती हैं। वे लंच के बाद थोड़ी देर टहल सकती हैं। इसी तरह, काम के बीच में भी हर घंटे 4-5 मिनट का ब्रेक लेकर वॉक करें। इसी तरह, घर में बैठकर टीवी देखने या कुछ पढ़ते समय भी ध्यान रखें कि आप थोड़ी-थोड़ी देर में ब्रेक लें। बहुत देर तक बैठे ना रहें।

गर्भावस्था के बाद कैसे रखें अपने स्वास्थ्य का ध्यान

* बच्चे के जन्म के समय अकसर मां का वजन बढ़ ही जाता है। इसलिए अधिक परेशान ना हो और बच्चे के जन्म के बाद खुद को थोड़ा समय दें। वजन कम करने की दिशा में कम से कम 2 महीने बाद ही कोई विचार करें।
* एक साथ बहुत अधिक खाना खाने से बेहतर है कि आप दिन भर में थोड़ा-थोड़ा करके खाएं , इससे आपकी ब्लड शुगर और व भूख दोनों नियंत्रित रहेंगे।
* वजन कम करने की शुरुआत धीरे-धीरे करें और इस दौरान डाइटिंग बिलकुल ना करें। इसकी जगह आप ऐसा खाना खाए जिनसे पौषक तत्व भी मिले और फैट भी ना बढ़ें। मछली, मीट, बीन्स, हरी सब्जियों आदि का अधिक सेवन करें।
* नींबू पानी पीने से प्राकृतिक रूप से शरीर का मेटाबोलिजम सही रहता है। आप चाहें तो पानी में नींबू, खीरा, संतरा, पुदीना आदि के फ्लेवर डालकर पीए। पुदीने वाली चाय पीने से भी आप को फायदा हो सकता है।
* कई डॉक्टरों का मानना है कि स्तनपान कराने से वजन कम होता है। स्तनपान कराने में शरीर को लगभग 300-500 कैलोरी खर्च करनी पड़ती है। ऐसे में आपकी अतिरिक्त चर्बी जल्दी कम और सुरक्षित तरीके से कम होती है।
* पानी के गुण बताने की कोई जरूरत नहीं है। यह ना सिर्फ आपको हाइड्रेट रखेगा बल्कि इसकी सहायता से पेट में जमी गंदगी भी दूर होती है। सुबह-शाम हल्के गर्म पानी में नींबू और शहद डालकर पीने से अतिरिक्त चर्बी खत्म होती है।
* स्तनपान करने से आप का वजन कम होता है और पेट अंदर जाता है। जब आप स्तनपान कराती है तो आप के शरीर को संकेत मिलता है की डिलीवरी हो चुकी है और आप के शरीर को अब पूर्व स्थिति में चले जाना चाहिए।
* स्नैक्स खासकर बिस्कुट या चाय के साथ खानी वाली चीजों में सतर्कता बरतें। सफेद ब्रेड की जगह ब्राउन ब्रेड इस्तेमाल करें, गेहूं के बिस्कुट, मेवे, किशमिश, पॉपकॉर्न आदि खाएं। फुल क्रीम दूध की जगह धीरे-धीरे स्किमड मिल्क लें।
* स्तनपान कराने वाली महिलाओं को अतिरिक्त एनर्जी की जरूरत होती है इसलिए अपना खाना कम मत कीजिए। बस ऐसी चीजें खाइए जिनमें अधिक पोषक तत्व हो और एक साथ अधिक खाने की जगह थोड़ा-थोड़ा करके खाइए।

0 Response to "गर्भावस्था में देखभाल कैसे करें Pregnancy care in hindi: "

Post a Comment

Iklan Atas Artikel